देवगढ़ के पुरातात्विक अवशेषों का विश्लेषणात्मक अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.5281/n0pva831Keywords:
देवगढ़, पुरातात्विक अवशेष, दशावतार मंदिर, गुप्तकालीन स्थापत्य, मूर्तिशिल्प, शिलालेख, उत्खनन, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, नागर शैली, ललितपुर, पुरातत्व विश्लेषण।Abstract
देवगढ़ उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में बेतवा नदी के तट पर स्थित एक अत्यंत महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है जो गुप्तकाल (चौथी-छठी शताब्दी ई.) से लेकर मध्यकाल (13वीं-15वीं शताब्दी ई.) तक की बहुस्तरीय पुरातात्विक विरासत को समेटे हुए है। प्रस्तुत शोध पत्र देवगढ़ के पुरातात्विक अवशेषों मंदिर-स्थापत्य, मूर्तिशिल्प, शिलालेख, सिक्के, उत्खनन-सामग्री और जल-संरचनाओं का व्यवस्थित एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। शोध में प्राथमिक स्रोतों (क्षेत्र-कार्य, ASI रिपोर्टें, प्रत्यक्ष अवलोकन) और द्वितीयक स्रोतों (शोध-साहित्य, पुरातात्विक पत्रिकाएँ) दोनों का उपयोग किया गया है। मात्रात्मक आँकड़ों के विश्लेषण हेतु सारणी-पद्धति एवं तुलनात्मक प्रविधि अपनाई गई है। शोध से यह स्पष्ट होता है कि देवगढ़ के पुरातात्विक अवशेष भारतीय कला, धर्म और समाज के बहुआयामी इतिहास को उद्घाटित करते हैं तथा ये अवशेष वैज्ञानिक संरक्षण की दृष्टि से गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
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Copyright (c) 2026 ब्रजनन्दन, डा. उमेश चंद्र यादव (Author)

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