बुंदेलखंड के इतिहास में बांदा के नवाब: वंशावली, संघर्ष और १८५७ की क्रांति में अली बहादुर द्वितीय का योगदान

Authors

  • डॉ. श्याम जी मिश्र Author

Abstract

यह शोध पत्र बांदा रियासत के नवाबों के ऐतिहासिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक महत्व का विस्तृत विश्लेषण करता है। यह अध्ययन पेशवा बाजीराव प्रथम और मस्तानी के वंशज, शमशेर बहादुर से शुरू होकर, बांदा राज्य की स्थापना करने वाले अली बहादुर प्रथम और विशेष रूप से 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नवाब अली बहादुर द्वितीय पर केंद्रित है। पत्र में बांदा के नवाबों की वंशावली, ब्रिटिश सत्ता के साथ उनके जटिल संबंधों, रानी लक्ष्मीबाई के साथ उनके सामरिक और भावनात्मक गठबंधन, और जनरल व्हिटलॉक के विरुद्ध 'गोएरा मुगली' के युद्ध का विशद वर्णन किया गया है। अंत में, यह पत्र रियासत के विलय और नवाब परिवार के इंदौर निर्वासन के साथ समाप्त होता है।

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Author Biography

  • डॉ. श्याम जी मिश्र

    प्रधानाचार्य,

    स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय, झाँसी

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Published

12/30/2025

How to Cite

बुंदेलखंड के इतिहास में बांदा के नवाब: वंशावली, संघर्ष और १८५७ की क्रांति में अली बहादुर द्वितीय का योगदान. (2025). Journal of Review in International Academic Research, 1(6), 83-85. https://jriar.com/index.php/jriar/article/view/34